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जब हो...
“
जब हो कटुता, घृणा, आलस्य भेद भाव एवं दुःखों के होलिका का दहन, तब बरसात है स्नेह, सौहार्द और सतरंगी ख़ुशियों का रंग और तब होती है हर दिन होली। Aishani
”
By
Aishani Aishani
46
प्रेमनश्वरनाखूबसूरतीनश्वर
आपस समझ
घृणा
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Aishani Aishani
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