STORYMIRROR

जब हम सफर...

जब हम सफर पर चले तो दिल में कुछ अरमान थे मंज़िल पर नज़र और राह में तूफान थे। बढ़ते रहे हटाते रहे रास्ते के पत्थरों को, किस्मत तो क्या उस वक़्त रब भी मेहरबां थे। Bhawana Raizada

By Bhawana Raizada
 470


More hindi quote from Bhawana Raizada
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments