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इश्क की...

इश्क की गहराइयों में डुबते मन में सपने हजार है तन मन न्योछावर कर दू कहता दिल बार बार है मैं न भी कहूं तो अखियां कह देती बेशुमार बिना बोले लफ्ज़ कर देते हाले दिल इकरार है कि हां मुझे सिर्फ आपसे प्यार है नीतू झा (झाड़खंडे)

By NEETU GANPAT SURYAVANSHI
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