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ईश्क इन्सानियत...
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ईश्क...
“
ईश्क इन्सानियत से था, इंसानियत से कर गए, गिला दुनिया के वहमों से था, गिला दुनिया से कर गए, और सुबूत मांगा मेरी बेकुसूरी का बहुत, गलत हम यकिनन न थे, गलती का आगाज मिटा गए। "दीक्षा" दीशु
”
By
Diksha Bisht
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