STORYMIRROR

हर डोर से...

हर डोर से मजबूत है, जो डोर है विवाह की नहीं तोड़ने की सोचना, यह शपथ है निर्वाह की समय संग बढ़ती निरन्तर, गहराई इसमें चाह की दु:खों की धूप जो मिटा दे, वह छाँव है यह राह की

By Dr. Nidhi Priya
 98