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हम तुम्हें...

हम तुम्हें दिवाली की काजू कतली समझ रहे थे लेकिन तुम दिवाली में मिली हुई मिलावट वाली मिठाई निकलीं जिसमे झूठ, धोखा, फरेब छुपा हुआ था लेकिन हम इतने सालों में पहचान ही नहीं पाए और तुम्हारे हर झूठ को सच समझ बैठे।

By Akshit Saxena
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