STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
हम...
हम कीचड़ से बचकर...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
हम कीचड़ से...
“
हम कीचड़ से बचकर चलते हैं ताकि हमारे पैर हमारे वस्त्र गंदे ना हो पर कभी कभार हमारी आंखों के सामने ऐसा कीचड होता है जिसे हम देख ही नहीं पाते समझ भी नहीं पाते और वह हमारे आत्मा को मलिन कर देता है कृपया ऐसे कीचड़ से बचकर रहें...
”
By
Kanchan Jain
19
कमलकीचड़प्रभुमिलन
तुममेरीहसीनआंखोंकीजानहोइसदिलमेंबसेअरमानोंकीउड़ानहो
आत्माअमरहै
More
hindi quote
from
Kanchan Jain
सब देखें
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
0
00:00
00:00
Download StoryMirror App