STORYMIRROR

है इंतजार...

है इंतजार आज भी, तुमसे मिलने का। हर दिन खोलकर दरवाजा, निहारूँ मैं रास्ता। सुकून नहीं मिलता आज भी, इन आँखों को सजना। लाल साड़ी,चूड़ी और गजरा, यही है मेरा श्रृंगार सारा। ©®धीरज कुमार शुक्ला'फाल्गुन' झालावाड़,राजस्थान

By Dheeraj kumar shukla darsh
 35


More hindi quote from Dheeraj kumar shukla darsh
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments