STORYMIRROR

"ग्रंथिया" न...

"ग्रंथिया" निचोड़ी जा सकती है ?? मस्तिष्क ग्रंथियां सारी ऊहापोह, उद्विग्नता, अधीरता, रंज, दुःख, शोक व्यथा। निचुड़ जाती बह जाता विषाक्त रक्त कपड़े से बहते नीर की भाँति.. ~★रूद्राक्षी★~

By Neetu Jharotia "Rudrakshi"
 126


More hindi quote from Neetu Jharotia "Rudrakshi"
11 Likes   0 Comments
24 Likes   0 Comments
19 Likes   0 Comments
20 Likes   0 Comments