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एक वक्त था...
“
एक वक्त था जब आंखें उसको ही ढूंढ़ा करती थी, इश्क की किताब में सिर्फ उसी को पढ़ा करती थी, जाने किस ख़ता की सजा में वो दर्द-ए-दिल दे गई, आहत कर मेरे दिल को, अश्कों का समंदर दे गई। मिली साहा
”
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मिली साहा
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इश्क
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