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एक दूजे से...

“ एक दूजे से दूर रहकर भी जुड़े रहते हैं मन के तार, अद्भुत शक्ति है ये दोस्ती की है एक अनोखा प्यार, खून का कोई रिश्ता नहीं है ईश्वर का अनुपम उपहार, दुनिया के हर बंधन से आजाद है दोस्ती का संसार।। मिली साहा ”

By मिली साहा
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