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दिल चाहता...

दिल चाहता है कि इश्क मुकम्मल हो कुछ ऐसा मंजर हो वही सर्द हवाएं हों और तुम ठहर जाओ उलझी रहे तेरी मुहब्बत मेरी गेसुओं में और मैं अपना इश्क छुपाती रहूँ तेरे दामन में ।।

By Shweta Jha
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