STORYMIRROR

ढलना है तो...

“ ढलना है तो पानी की तरह ढलो जो सांचा मिले, उसका आकार हो जाए रंग बदलना है तो चायपत्ती की तरह बदलो कि रंग बदले और स्वाद आ जाए घुलना है, चीनी की तरह घुलो कि घुलते ही मिठास आ जाए बनना है दूध की तरह बनो मिलकर दूसरों में नई खुशबू आ जाए और एक प्याली कड़क चाय बन जाए ”

By भारती भानु
 260


More hindi quote from भारती भानु
16 Likes   0 Comments
10 Likes   0 Comments
11 Likes   0 Comments
12 Likes   0 Comments
14 Likes   0 Comments