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ब्रह्माण्ड...
“
ब्रह्माण्ड का हर कण हर पल, रुकता नहीं,रहता है गतिमान। प्रकृति की लय से हटकर कैसे? खाली रह सकता है इन्सान। # गायत्री सिंह #
”
By
Gayatri Singh
26
ब्रह्माण्ड
गतिमान
गुमसुमसीहोगईहैजिंदगीखालीमकानसाहैमनमोतियोंसीमुस्कानकोईबिखेरेपंछियोंसाचहकताहैतन
औरतनहाईयोंमेरोनेकेलियेइन्सानकेभितरहौसलाहोनाचाहिये...🌸🌸🌸🌸अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि
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