STORYMIRROR

**बनारस*...

**बनारस* तू गंगा की लहरें, मैं घाट का किनारा हूँ, , तू मंदिर की प्रार्थना, मैं मस्जिद का अजान हूँ, तू दशाश्वमेध घाट की अलौकिक आरती, मैं गंगा उस पार की सुनहरी शाम हूँ, राज सिंह

By राजेश "बनारसी बाबू"
 1551


More hindi quote from राजेश "बनारसी बाबू"
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments