STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
बहोत...
बहोत देर से समज़...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
बहोत देर से...
“
बहोत देर से समज़ आया मुजे की बेकार ही उल्ज़नो मे उलझा रहा मैं गोल दुनिया को कहा किस किनारे लगाने चला मैं।
”
By
Devanshu Ruparelia
354
किताबीदुनिया
उलझन
किनारा
More
hindi quote
from
Devanshu Ruparelia
सब देखें
2
Likes
0
Comments
2
Likes
0
Comments
2
Likes
0
Comments
2
Likes
0
Comments
2
Likes
0
Comments
25
7
00:00
00:00
Download StoryMirror App