STORYMIRROR

बातों का ...

“ बातों का तुम्हारी असर हो गया है ज़ख्म अब बढ़ के कर्क हो गया है जिस्म के कर्क का तो इलाज है पर समाज का कर्क लाईलाज हो गया है ©राहुल मोलासी ”

By Rahul Molasi
 133