STORYMIRROR
"अपनों...
"अपनों को समेटते...
"अपनों को...
“
"अपनों को समेटते समेटते
अपनापन खो दिए
बेहतर पाने के चक्कर में
जो था उसे भी खो दिए
बाकी जो बचा निकल न जाए हाथ से
इसी डर में अब जीना छोड़ दिए।"
”
1
More hindi quote from Chinmayee Sahoo
Download StoryMirror App