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अपने मन की...

अपने मन की शांति के लिए किसी के भी अपराध को माफ तो किया जा सकता है लेकिन उस पर पुनः विश्वास नहीं किया जा सकता और करना भी नहीं चाहिए।

By Madhu Vashishta
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