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अब जाना...
“
अब जाना कैसे लुट गई है दिल की जागीर मेरी | मेरे सीने नें खुद ही पेवस्त कर ली शमशीर तेरी | तुझे अपने दर्द का एहसास भला होगा भी क्यूं , वर्षों पहले रब से मांग ली थी मैंने हर पीर तेरी | अम्बिका मिश्र'प्रखर' चित्रकूट(उ.प्र.)
”
By
Ambika Mishra Prakhar
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दिल💜❤💜❤💜❤
मुहब्बत
अधूरा इश्क़
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Ambika Mishra Prakhar
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