STORYMIRROR

आज...

आज प्रातःकाल सभा मैं बहुत तर्क बितर्क सुनाई दे रही थी क्यों की बात हो रही थी दूसरे की गलती ढूँढने की जब बात आई खुद की गलती ढूँढने की तब पता नहीं क्यों सब मौन ब्रत धारण कर लिए ।

By Jyoti Jyoti
 1103


More hindi quote from Jyoti Jyoti
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
136 Likes   0 Comments
2 Likes   0 Comments