STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
आज...
आज प्रातःकाल सभा...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
आज...
“
आज प्रातःकाल सभा मैं बहुत तर्क बितर्क सुनाई दे रही थी क्यों की बात हो रही थी दूसरे की गलती ढूँढने की जब बात आई खुद की गलती ढूँढने की तब पता नहीं क्यों सब मौन ब्रत धारण कर लिए ।
”
By
Jyoti Jyoti
1111
सच्चाई
हिम्मत
गलती
More
hindi quote
from
Jyoti Jyoti
सब देखें
1
Likes
0
Comments
1
Likes
0
Comments
1
Likes
0
Comments
136
Likes
0
Comments
2
Likes
0
Comments
136
0
00:00
00:00
Download StoryMirror App