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आगे बढ़ने...
“
आगे बढ़ने की होड़ में, पेच लड़ाते हैं दौड़ में| दूसरे को गिराने में खुद गिर जाते हैं, दूसरा ना बढ़ जाए इसलिए खुद नहीं बढ़ पाते हैं|| कवि प्रताप चौहान "प्रहरी"
”
By
PRATAP CHAUHAN
638
जिंदगी की दौड़
आगे बढ़ना है उन्हें
दूसरे को मत गिराओ
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hindi quote
from
PRATAP CHAUHAN
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