आशिता शर्मा खुद एक कल्पना है|बनना तो इन्हें C.A. था लेकिन मुमकिन ना हो सका डिग्री के नाते वो ग्रेजुएट है और अकाउंटेंट के रूप में काम करती है|अपने ऑफिस के खाली वक़्त में अल्फाजों में रंग भरने की कोशिश करती है वो अल्फ़ाज़ जो उसके सपने है और जिन्हे वो सबको बताना चाहती है|इन्होने स्कूलिंग अलवर से की... Read more
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अकेले से रह गए है इस दुनिया में, अब हर कोई पराया सा लगता है। समझने समझाने की तो बात ही नहीं है, सबको पहलू ही गलत हमारा लगता है।।
एक वक़्त था जब हम , हर बात का गिला तुमसे करते थे, लेकिन अब बातों को कहने से डरते है, बात ये नही की तुम समझोगे नही, बात ये है अब हम तुम्हें समझा पायेंगे नहीं, वक़्त ने जजबातों को इस कदर मोड़ दिया, ना कहा कुछ हमने तो तुमने भी समझना छोड़ दिया।। @आशिता शर्मा