जब हमने उनकी तरफ मुस्कुरा कर देखा तो उन्होंने ऐसे देखा जैसे हमने कोई खता कर दी हो अब उन्हें कौन समझाए कि किसी को दिल से चाहना खता नहीं होती
उन्होंने पूछा हमसे इतना प्यार क्यों करते हो ? मैंने भी हंसकर कहा यह दिल की मजबूरियां है इस दिल को तुम्हारे सिवा कोई और अच्छा ही नहीं लगता।
मन की आंखों से रब का दीदार करो । दो पल का है अंधेरा बस सुबह का इंतजार करो । क्या रखा है आपस में बैर में यारों छोटी सी जिंदगी है हर किसी से प्यार करो।
रात को जब उनकी याद आती है तो आंखों से नींद उड़ जाती है याद करते करते उनकी यादों को न जाने कब सुबह हो जाती है