लेखक होना बहुत सौभाग्य का अवसर है.लिखना कोई प्रमाद नहीं है बल्कि भगवान की तरफ से मिला भागवत प्रसाद है.इस पर कहानीकार और कवि तो साक्षात् ईश्वर के पुत्र होते हैं.लोकप्रिय गीतकार नीरज जी ने मुझे अपनी रेडियो बातचीत में यह बताया था कि लेखक का होना इतना ही बड़ी जिम्मेदारी से भरा हो जाता है ,जैसी कि... Read more
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