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अपनों को दर्द देता है वो, इंसान नशे में बहका सा है। अपनों को दर्द देता है वो, इंसान नशे में बहका सा है।
अभी जीने को एक दौर सुहानी बाकी है, अभी तो जज़्बातों से रिश्तेदारी निभानी बाकी है। अभी जीने को एक दौर सुहानी बाकी है, अभी तो जज़्बातों से रिश्तेदारी निभानी बाक...