Shekhar Mallik
Literary Colonel
3
ପୋଷ୍ଟସ୍
75
ଅନୁସରଣକାରୀ
0
ଅନୁସରଣ କରୁଛନ୍ତି

बदहवास भागता आदमी हर बार... ठीक मेरी नाक की सीध में आ जाता है... बिलबिलाकर मर जाता है... अपने हक़ को भीख की शैली में माँगता हुआ और मैं फूल-पत्ती-मादा के सारे प्रचलित मुहावरों और सन्दर्भों से कट जाता हूँ !

ବନ୍ଧୁମାନଙ୍କ ସହ ବାଣ୍ଟନ୍ତୁ
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