Abasaheb Mhaske
Literary Brigadier
AUTHOR OF THE YEAR 2018,2021 - NOMINEE

425
पोस्ट
510
फोल्लोवेर्स
934
फॉलोविंग

त्याग, समर्पणातून देशसेवा घडावी .जनजागॄतीस्तव लेखणी माझी झिजावी. साहित्य हे समाज जीवनाचा जणू आरसाचं , जिवनाचे सर्व पैलू त्यात उमट्ले पाहीजेत.

दोस्तों से साझा करें
Earned badges
See all

हम दिमाग से ज्यादा दिल से सोचते हैं इसलिए हर बार नाकामयाब होते हैं हम चाहते हुए भी चुप नहीं रह सकते हम दीवानों की बात मत पूछो जी .... इंसान के दुःखदर्द से हम तिलमिला उठते तो हैं पशु .पंछी कीड़े मकोड़े का भी दर्द महसूस करते हैं दिन रात ,सोत

HUM KAUN HAIN NAHI PATA HUM SE HO NA KOI KHATA MAGAR LIKHTE RAHENGE YAH HAIN HAMARA VADA ABASAHEB MHASKE


फीड

लाइब्रेरी

लिखें

सूचना
प्रोफाइल