हिन्दी और मैं जैसे शरीर और आत्मा । मेरे भावों की अभिव्यक्ति का एकमात्र विकल्प सिर्फ हिन्दी भाषा है। स्टोरी मिर्रर मेरे सपनों मेरी आकांक्षाओं का मंच है जहाँ ये वर्णित हो साकार होते है।
Share with friends
मैं रंगना चाहती हूँ जीवन को प्रेम के रंग से चाहती हूँ विश्वास का हर रंग जीवन को सजा ले मैं सतरंगी रंगों से सजना चाहती हूँ। सिर्फ राधा श्याम की हो जाना चाहती हूँ।
लोग कहते हैं भूल जा उनको आह ! क्या बिसात है मेरी? जो आँखों से ह्र्दय में उतर गया मुझे अपने रंग में रंग गया ।