I'm Divya and I love to read StoryMirror contents.
Share with friendsLife is so beautiful and so is her creatures... Be positive and live with all happiness... Divya Shri Prabha
कब तक अनवरत काम करते रहूँ, कब तक बस वेतन की लालसा रहे , अपनी मर्ज़ी से खुली हवा में उड़ सकूँ , ऐसी चाहत हर पल गुनगुनाती रहे 🌻 - दिव्या श्री प्रभा
अपनापन का एहसास दिलाए जहाँ सारी थकान छूँ-मंतर हो जाए ममता की छाँव प्रीत का गाँव यही है घर की परिभाषा जहाँ समर्पण सहज बस जाए 🌻 - दिव्या श्री प्रभा
अपनापन का एहसास दिलाए जहाँ सारी थकान छूँ-मंतर हो जाए ममता की छाँव प्रीत का गाँव यही है घर की परिभाषा जहाँ समर्पण सहज बस जाए 🌻 - दिव्या श्री प्रभा
दोस्ती हर रश्मों - रिवाज़ से उँची है🌻 हर रिश्ता स्वार्थ से जुड़ा है पर दोस्ती इन सभी से जुदा है सुख- दुख: में रहे एक सी और ज़रूरतों में दोस्ती ही खुदा है 🌻 - दिव्या श्री प्रभा
क्रोध एक क्षणिक पागलपन है , जिसे समझने की ज़रूरत है इसने न जाने कितनों का घर उजाड़ा है , ये ख़बर रखनी चाहिए 🌻 - दिव्या श्री प्रभा