मुझे कविताएं लिखना पसंद है
आओ प्रेम जिएं थोड़ा थोड़ा हम दोनों। आओ प्रेम जिएं थोड़ा थोड़ा हम दोनों।
ठूंठ अभी यह मरा नहीं, तन सूखा है पर काठ नहीं। जीवन जड़ में जिंदा है, हमको इसकी फिकर नहीं।। ठूंठ अभी यह मरा नहीं, तन सूखा है पर काठ नहीं। जीवन जड़ में जिंदा है, हम...