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मानवता के लिए है जीवन, मानवता के नाम लिखूँ, सूरज-चाँद तुम्हीं बतलाओ अब दिन या रात लिखूँ।। मानवता के लिए है जीवन, मानवता के नाम लिखूँ, सूरज-चाँद तुम्हीं बतलाओ अब दिन या र...