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आज शर्म आती हैं, पर विचार उसी में रखते हैं। सोचते हैं , खाते हैं ,बोलते हैं ,लिखते हैं आज शर्म आती हैं, पर विचार उसी में रखते हैं। सोचते हैं , खाते हैं ,बोलते हैं ,...
मेरी मां मेरी शिक्षक मेरी गुरु मेरी डॉक्टर मेरी दोस्त मेरी मां मेरा गुरूर । मेरी मां मेरी शिक्षक मेरी गुरु मेरी डॉक्टर मेरी दोस्त मेरी मां मेरा गुरूर ।
अपनों के साथ, कल की उम्मीद में यूं ही चलता रहा, मैं पथ पर चलता रहा। अपनों के साथ, कल की उम्मीद में यूं ही चलता रहा, मैं पथ पर चलता रहा।
मैं हूं शिक्षक पाठ पढ़ाता हूं, कभी पढ़ जाता हूं हमेशा हंसाता हूं, कभी रो जाता हूं मैं हूं शिक्षक पाठ पढ़ाता हूं, कभी पढ़ जाता हूं हमेशा हंसाता हूं, कभी रो ...