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Gautam Govind
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Submitted on 07 Mar, 2021 at 20:38 PM

खफा हो...?? या रंज ए गम में खोये हुए हो। लगता है, मुंह मोडे़ हुए हो। कोई चूक हुई ? क्या मुझसे, माफ़ भी करो...!! क्यों नाराज़गी का चादर, ओढ़े हुए हो।

Submitted on 16 Nov, 2020 at 02:53 AM

ज़िन्दगी की कसमकश में, ये पता नहीं चलता.... रिस्तों को सम्भालुं या अपने आप को। - गौतम गोविन्द

Submitted on 16 Nov, 2020 at 02:46 AM

बेबुनियादी, शक लिए, क्यों घुमते हो साहब , हरेक मर्ज का ईलाज है, पर शक का नहीं। वो तो एहसान है कुछ आपका, इसलिए ग़म खा रहा हूं मैं। लगता है,आपको? कि फायदा उठा रहा हूं मैं। - गौतम गोविन्द

Submitted on 23 Aug, 2020 at 05:57 AM

जो आपके रास्ते में अड़चन पैदा करतें हैं उनसे घबड़ाओ मत, बल्कि बगल से निकल लो। - गौतम गोविन्द

Submitted on 22 Aug, 2020 at 11:25 AM

सफल होने के लिए साकारात्मक सोच का होना बहुत जरूरी है। - गौतम गोविन्द

Submitted on 22 Aug, 2020 at 11:03 AM

एक इन्सान के अंदर इन्सानियत का होना उतना ही जरुरी है जितना कि मछली को जल। -गौतम गोविन्द

Submitted on 22 Aug, 2020 at 10:58 AM

औकात भी क्या चीज है,साहब हर बात में बीच में आ ही जाती है। - गौतम गोविन्द

Submitted on 21 Aug, 2020 at 12:21 PM

जिंदगी में कुछ करना है तो पागल बन जाओ, यकीं मानों कामयाब होने के लिए पागल हो जाना बहुत जरूरी है।

Submitted on 21 Aug, 2020 at 12:18 PM

अगर कोई काम करना है, तो दुसरे का इन्तजार मत करो, अपना काम स्वयं करो। - गौतम गोविन्द


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