वक़्त को थामे ख्वाबो में, हम आज भी तेरे साथ सफर करते जा रहे है हम ये ज़िन्दगी बस यु ही बसर करते जा रहे हैं
के जब तक में तेरी पाबन्दियों में खुद को आज़ाद महसूस करती हूं हां तब तक में आपने दिल को तेरे लिए बेक़रार महसूस करती हू के जब तक में तेरी नाराज़गी में खुद को खुश बेहिसाब महसूस करती हूं हां तब तक में दिल में आपने , इश्क तेरे लिए बेशुमार महसूस करती हूं....
के गर मेरी नफरत भी कुबूल हो तो इश्क़ कर मुझसे के मेरी नादानियाँ तो उन्हें भी क़ुबूल है जो मेरी मौजूदगी से इत्तेफाक नहीं रखते