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Manisha Maru
Literary Colonel
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Submitted on 08 Mar, 2021 at 03:15 AM

नारी को परिभाषित करना, नहीं हैं इतना आसान। बस इतना समझ लो, हर फर्ज़ पे हो जाती हैं वो कुर्बान। #Happy_Women's_Day to all beautiful...😘😘 🌹मनीषा मारू🌹

Submitted on 29 Dec, 2020 at 18:09 PM

बेशक स्कूल कॉलेज की परीक्षाएं तो हम नकल करके पास हो सकते हैं। लेकिन जीवन की जो असली परीक्षा है उसमें हमें बहुत तपना पड़ता है तब जाकर कहीं हमारे असली किरदार निखरतें है। @मनीषा मारू🥀

Submitted on 29 Dec, 2020 at 18:05 PM

दो वक्त की रोटी का , उस बच्चे ने बचपन से ही मूल्य पहचाना। जिसने अपनी सांसे , भरकर गुब्बारों को बेच डाला। @मनीषा मारू 🥀

Submitted on 29 Dec, 2020 at 18:03 PM

हर रिश्ता का होता अपना एक अलग मूल्य है। लेकिन एक मात-पिता का रिश्ता ही होता केवल परमात्मा तुल्य है। @मनीषा मारू🥀

Submitted on 29 Dec, 2020 at 18:00 PM

हार भी जाओ अगर जीवन में, तो फिर से संघर्ष शुरू करो सोच के जीवन के नंबर को शून्य संघर्ष कर खिल जाएगा जीवन, लगता जाएगा फिर हर एक शून्य के आगे नंबर और बढ़ जाएगा तुम्हारा मूल्य। @मनीषा मारू🥀

Submitted on 29 Dec, 2020 at 18:00 PM

हार भी जाओ अगर जीवन में, तो फिर से संघर्ष शुरू करो सोच के जीवन के नंबर को शून्य संघर्ष कर खिल जाएगा जीवन, लगता जाएगा फिर हर एक शून्य के आगे नंबर और बढ़ जाएगा तुम्हारा मूल्य। @मनीषा मारू🥀

Submitted on 29 Dec, 2020 at 17:57 PM

हर बेटी की चाहा रहती है, पंख फैला कर उड़ने को। कोई हिम्मत की चादर ओढ़ छू लेती है नभ को। तो कोई कैद हो पिंजरे में कोसती रहती है अपने जीवन को। @मनीषा मारू🥀

Submitted on 29 Dec, 2020 at 17:55 PM

वक्त के पंखों का दौर कितनी तेज गति से आगे बढ़ जाता। छूट जाता बचपन और जिम्मेदारियों का बोझ सारी जिंदगी सर पड़ जाता। @मनीषा मारू🥀

Submitted on 29 Dec, 2020 at 17:52 PM

फूल बनके वो ही खिलते है, जो कांटो के बीच बिना डर के गुजरेते है। @मनीषा मारू 🥀


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