I'm Jyoti and I love to read StoryMirror contents.
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उलझन ना जाने, ये कैसा माहोल हैं, बोहोत शांति हैं, मगर बोहोत शोर हैं की अधीरता छाई हर ओर हैं, और उत्तेजना से सब सराबोर हैं।। क्या किसी ने मुझे आवाज़ दिया, क्या मेरे जीने का साज़ दिया, की उलझनों में हैं शाएरा, कौन हैं वो, जिसने प्यार का आगाज़ दिया।।
करूँ शुक्रिया उसका, या करूँ उसकी इबादत, कैसे कहे शाएरा, की ये किसकी हैं आहट, किसने मुझे पुरा किया, या हैं ये कोई शरारत, कैसे आये ज़िन्दगी में तुम, मैने तो मन में करी थी चाहत।।