କେବେ ବି ନିଜକୁ ଅନ୍ୟ ସହ ତୁଳନା କରନ୍ତୁ ନାହିଁ, କାରଣ ବାହାର ଦୁନିଆରେ ଯାହା ଦେଖାଯାଉଛି ତାହା ଜୀବନ ନୁହେଁ। ନିଜ ପରିସ୍ଥିତି ଅନୁଯାୟୀ ବଞ୍ଚିବାକୁ ଜୀବନ କୁହାଯାଏ।
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बचपन से आज तक क़ायम है चाँद से मेरा रिश्ता पुकारता हूँ आज भी मैं उसे चंदा 'मामा' क्योंकि छिपाये ही नहीं चाँद ने कभी हर रिश्ते की तरह अपने दाग़ अर्जुन साहु
कोशिश ही नहीं की कभी ना तो चाँद ने ना सूरज ने और ना ही हम दोनों में से किसी ने भी जानने की क्या होती है खुशी छोटा बनकर संग रहने में तारों की तरह अर्जुन साहु