I am a college student . I like to read and write stories.
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As I look in the mirror all I see is her face, her painful eyes and think it's time to start another day.
जब भी हातोह मैं मेहँदी करने बैठेती हु तेरा नाम हातोह मैं सजाति हु। जो नाम निकाह नामा मैं नहीं लिख पाई बों नाम हातोह मैं सजाती हु। हर अक्षर को बरे प्यार से सजाया हैँ, तुझे आज अपनी मेहँदी मैं छुपाया हैँ। नसीब ने हाथो के लकीरो मैं जो नाम ना लिखा बों नाम मैं मेहँदी से लिख रही हु। तू कभी ना मिले तो भी गम नहीं, मैं अपनी नाम तेरा नाम से जोर कर तुझे बिन मांगे भी जी सकती हु।