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नारी थी, पर चट्टानों सी, आँधी में भी जो अड़ी रही। <br>ना झुकी थी, ना डरी थी, हर बात पर अड़ी रही। नारी थी, पर चट्टानों सी, आँधी में भी जो अड़ी रही। <br>ना झुकी थी, ना डरी थी, हर ...