मैं लेखिका, कलम की धार से करूं मैं प्रहार! नमस्कार दोस्तों! मैंने मास्टर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन (MCA) की उपाधि प्राप्त की है।गणित के नम्बरों से खेलते हुए विज्ञान की अथाह गहराइयों में गोते लगाते हुए जो मन में भाव उमड़ आते उन्हें बचपन से ही अपनी डायरी में सहेज लिया करती थी।धीरे-धीरे साहित्यिक... Read more
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माॅ॑ का दुलार समेटे, प्यार, लाड़ और परवाह। एक पल में लाड़ लड़ाए, तो दूजे ही पल फिक्र करें। बचपन पल्लवित हो, पुष्पित होता, दुलार और माॅ॑ का गहरा है नाता। -प्रियंका सक्सेना
दुलार सुन एक ही बात ध्यान में आई, लगा गर्मी में चली है कोई पुरवाई। शीतलता के झूले में जो झुलाती है, लाड़-चाव की चंवर जो डुलाती है। ममता का है सागर अपार, ऐसा होता है माॅ॑ का प्यार। झोली भर दुलार करें माॅ॑ , जिसकी न कोई उपमा है। -प्रियंका सक्सेना
अरुणोदय की प्रथम किरण के साथ ही विश्व में तिमिर का अंत होता है, आशा की लालिमा चहुं ओर मानस पटल को आलोकित कर जाती है।