🌹 सुप्रभात🌹 चल चलकर तोड़ लाएं एक सितारा, उस असीम आकाश तक उड़ान भरें। बहुत गिद्ध नोचने भी आएंगे राह में।। है दृष्टि मंजिल पे तो साहसी कब हैं डरें।। देव दत्त शर्मा✍️
कह दो अपने वैज्ञानिकों से कोई जाकर जरा, एक विशेष मर्ज की विशेष गोली ईजाद करे, बहुत जलते हैं लोग दूजे की तरक्की से यहाँ, अब बना लो दवा जो इस मर्ज का भी ईलाज करे।। देव शर्मा✍️
क्या लाभ ऐसी बुद्धिमता का, जो नित उलझन में उलझाए रखे। हमसे तो लाख वो अनपढ़ भले, जिन सँस्कार अंग सँग चिपकाए रखे।। देव शर्मा✍️