जीवन की अनुभूतियों को तार तार लिखता हूं ! विस्तार नहीं संक्षिप्त और सार लिखता हूं ! कवि हूं ,कविता लिखता हूं !
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लफ्ज़ आसाँ हो गए, हर दिल की बातों का सहारा लेकर, मिले,बहुत कम मिले, ऐसे दिल... बिन अल्फाजों के हर लफ्ज़ समझ पाते !!