काश ख्वाबो के पीछे भी डोर होती तो मेें उसे कस कर पकड़ लेता।
Share with friends
काश ख्वाबो के पीछे भी डोर होती तो मेें उसे कस कर पकड़ लेता, ओर मरने के बाद जरासी आख खुलती, तो कईयों को रंगे हाथ पकड़ लेता। -भरत संघार