स्त्री के बिना सन्त महात्मा,ऋषि,महर्षि,पैगम्बर और यहां तक ईश्वर के अस्तित्व की कल्पना भी नही की जा सकती।
सकारात्मकता की उर्जा परिवेश में चारो तरफ उत्सर्जित हो रही है और नकारात्मकता से टकरा रही है धन्य हैं वो लोग इस नजारे को महसूस कर रहै हैं।
सकारात्मकता की उर्जा परिवेश में चारो तरफ उत्सर्जित हो रही है और नकारात्मकता से टकरा रही है धन्य हैं वो लोग इस नजारे को महसूस कर रहै हैं।