Artist, writer
Share with friends
न भेटीचा सरता विरह भेटण्याची ओढ वाढवतो मनाच्या कित्येक बांधल्यागाठी एक तुझी अन एक माझी सोबत असावी साथ तुझी उलटली कित्येक पाने जरी © sk
मोहब्बत....... एक ख़ुमार है, मोहब्बत कि अदा कुछ इस तरह होती है इत्तर कि ख़ुशबू जिस तरह मेहकती हैं कागज़ पे लिखें जज़्बातों कि गज़ल बनती है जनाब, मोहब्बत मरने के बाद भी, एहसास दिलाती है