पढ़ने के शौक ने लिखना सिखा दिया। सीख रही हूं और सीखते रहना चाहती हूं।
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हम आज भी अपनी दोस्ती पर नाज़ करते हैं... वो हमें भूल गए पर हम उन्हें याद करते हैं... दोस्त रहे सलामत हमारे... इस दुआ में आज भी ये दोनों हाथ उठा करते हैं...
हम आज भी अपनी दोस्ती पर नाज़ करते हैं... वो हमें भूल गए पर हम उन्हें याद करते हैं... दोस्त रहे सलामत हमारे... इस दुआ में आज भी ये दोनों हाथ उठा करते हैं...