રમુજી
मैंने डंडे पर हींग का खूब गाढ़ा लेप किया हुआ था । मैंने डंडे पर हींग का खूब गाढ़ा लेप किया हुआ था ।
मौत तो निश्चित ही है, आज नहीं तो कल, हर प्राणी को मरना है’ मौत तो निश्चित ही है, आज नहीं तो कल, हर प्राणी को मरना है’
सन्त ने कहा कि अच्छा, रोजाना ठाकुर जी की मूर्ति के दर्शन कर आया करो। सन्त ने कहा कि अच्छा, रोजाना ठाकुर जी की मूर्ति के दर्शन कर आया करो।
एक जगह देखा कि दरिया की सतह से एक कछुआ निकला और पानी के किनारे पर आ गया। एक जगह देखा कि दरिया की सतह से एक कछुआ निकला और पानी के किनारे पर आ गया।
हम चाहे कुछ भी कर लें.. इन निंदकों की प्रजाति को संतुष्ट नहीं कर सकते! हम चाहे कुछ भी कर लें.. इन निंदकों की प्रजाति को संतुष्ट नहीं कर सकते!
अब मेरी समझ में आया था कि इतनी भीड़ के बावजूद डिब्बे में खुशबू कैसे फैली। अब मेरी समझ में आया था कि इतनी भीड़ के बावजूद डिब्बे में खुशबू कैसे फैली।
ईश्वर और ब्रह्माण्ड मनुष्य के हर सपने पूरा करने की तैयारी करते है. ईश्वर और ब्रह्माण्ड मनुष्य के हर सपने पूरा करने की तैयारी करते है.
मैंने सेठ जी से कर्ज़ लिया था यह कहकर कि अगले जन्म में लौटाऊँगी। मैंने सेठ जी से कर्ज़ लिया था यह कहकर कि अगले जन्म में लौटाऊँगी।
मेरी लाडली के जैसा कोई दूसरा नहीं है जहाँ बरसे कृपा हर पल बरसाने वो यही है..!! मेरी लाडली के जैसा कोई दूसरा नहीं है जहाँ बरसे कृपा हर पल बरसाने वो यही है..!...
वह रात अपने यहाँ से अनाज का एक बोरा ले जाकर भाई के खेत में चुपचाप रखने लगा। वह रात अपने यहाँ से अनाज का एक बोरा ले जाकर भाई के खेत में चुपचाप रखने लगा।