Raj Mishra
Literary Captain
9
Posts
1
Followers
1
Following

None

Share with friends
Earned badges
See all

"हर वो ग़ुरूर एक वक्त के बाद ज़मींदोज़ होता है, जो आध्यात्मिक संस्कृति को एड़ियों की चोट पर रखकर भौतिकता की जबरन खोज होता है।।" ©RajMishra

"नजरअंदाजी का बड़ा शौक था उनको हमने भी तोहफ़े में उनको उन्हीं का शौक़ दे दिया" -----rajmishra

'लोगों' के डर से मोहब्बत अबकी बार भी हल्की नहीं करनी। नुख़्स शायद मुझमें ही था कुछ जो तुझे पहचान न सके, अच्छा हुआ जो तुम मुझे रुख़सत कर गए चल, अबकी बारी ये गलती भी नहीं करनी ।। ....rajmishra

अगर आपका 'धैर्य ज़वाब नहीं देता" यकीं मानिए, आपका धैर्य ही ख़ुद-ब-ख़ुद एकदिन सबको ज़वाब देगा।

"लिखते रहिये आप मुक़द्दर मेरा, रब ने अपनी कलम मेरे हवाले कर दी है।" -rajmishra

"पत्तों की रौनक देख पेड़ इठलाया नहीं करते। चंद लम्हों की छटा देख राहगीर ठिठक तो जाते हैं पर डाली-डाली को पता है, ऋतु बदलते ही इनकी साख़ खाक़ में मिल जानी है।"


Feed

Library

Write

Notification
Profile