@aswfupol

Mr. Akabar Pinjari
Literary Colonel

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🕊️🕊️........🌹Udaan🌹............"हीरे को परखना है तो अँधेरे का इंतजार करो,धूप में तो काँच के टुकड़े भी चमकने लगते हैl" ...............🕊️🕊️.....🌹

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Submitted on 06 Jul, 2020 at 10:43 AM

इल्म अच्छा हो तो समंदर पर तैर सकते हो, और ना हो तो खुद को डुबो सकते हो, ख्वाहिशों के पेड़ पर सारे फल अच्छे लगेंगे, बगैर कर्म के पाया तो सब के सब कच्चे लगेंगे।

Submitted on 18 Dec, 2019 at 10:27 AM

दर्द किनारों पर बांटने निकला था मैं, एक मौजों आई और सारा निशां चकनाचूर हो गया। जो लगता था हर पल दिल के करीब, वह एक पल में चांद तारों से भी दूर हो गया।

Submitted on 30 Nov, 2019 at 14:48 PM

अपने ही कुर्तों की जेबें भरने लगा हूं मैं, और उन फटी जेबों से सच्चे रिश्तों को ताड़ने लगा हूं मैं।

Submitted on 29 Nov, 2019 at 17:19 PM

उम्मीद की रेत जानो, सरगम की रित पहचानो, विश्वास को सांसें मानो, फिर जीतोगे तुम ही, चाहे मानो या ना मानो

Submitted on 28 Nov, 2019 at 15:22 PM

इंसानी हादसों के, कुछ ऐसे निशान हैं, उड़ा वह इतना पर फिर भी, बौनी उड़ान है, तकदीर बदलने को तेरे, यहां रास्ते तमाम है, घर है हौंसला तेरा मज़बूत, तो मुकम्मल मुकाम है।

Submitted on 27 Nov, 2019 at 16:01 PM

जिंदगी खेल नहीं है सफ़र सजाने का, यह रास्ता है नसीब आजमाने का, ये वक्त है कामयाबी का परचम लहराने का, अपने आप को साबित कर, कुछ कर दिखाने का।

Submitted on 26 Nov, 2019 at 16:25 PM

दुनिया के हादसों से जो डरते नहीं, क्योंकि लड़के कभी रोते नहीं।

Submitted on 25 Nov, 2019 at 16:28 PM

जीवन जब में मिले कुछ चेहरे, जिनके देख हम कुछ देर ठहरे, जैसे बिन फेरे हम हो गए तेरे।

Submitted on 24 Nov, 2019 at 15:46 PM

अपनों को मिटाकर जो कौओं बिठाया जाता है, नदियों के किनारों पर बैठकर याद किया जाता है, न जाने क्यों खुलेआम इस तरह श्राध्द किया जाता है।

Submitted on 23 Nov, 2019 at 17:25 PM

यह जिंदगी का रंगमंच है यारों यहां हम सब कठपुतलियों की तरह किरदार निभाते हैं।

Submitted on 22 Nov, 2019 at 18:42 PM

जिनके चरणों में रख कर मैं, अपना तन-मन-धन, जिनके लिए कर दूं मैं, अपना जीवन अर्पण, जिनके सांसों की छलकती गहराई मैं हूं, पर क्या करें ये नसीब...... फिर भी मैं पराई हूं।

Submitted on 21 Nov, 2019 at 17:36 PM

घुटती हुई सांसों की हरकत अब कब तक चलेगी, सीता की अग्नि परीक्षा भी कब तक चलेगी।

Submitted on 20 Nov, 2019 at 16:15 PM

खिलती मुस्कान का गला घोंटने का सुंदर तरीका मतलब अबॉर्शन.........

Submitted on 19 Nov, 2019 at 16:24 PM

मिलकर संवारे कुदरत का संसार हम, सदैव याद रखें वसुधैव कुटुंबकम।

Submitted on 18 Nov, 2019 at 16:41 PM

देखता हूं मैं जब भी वही बरगद की पुरानी छांव, याद आते हैं मुझे वही मखमल-से कोमल नन्हें-नन्हें पांव।

Submitted on 17 Nov, 2019 at 14:30 PM

नए दौर में भैया सुबह का भूला अगर, भूल से भी भूल कर, घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते है।

Submitted on 16 Nov, 2019 at 18:13 PM

लाल बत्ती का जीवन नरक से भी बुरा होता है, अनगिनत आंसुओं पर बेबसी का छुरा होता है।

Submitted on 16 Nov, 2019 at 18:13 PM

लाल बत्ती का जीवन नरक से भी बुरा होता है, अनगिनत आंसुओं पर बेबसी का छुरा होता है।

Submitted on 15 Nov, 2019 at 15:52 PM

हम अलग से हत्यारे हैं साहब जो जुबां से काट देते हैं, काटते हैं इस तरह बदन को, जैसे दो दिलों को बांट देते हैं।

Submitted on 14 Nov, 2019 at 15:38 PM

मेरी खुशियों का साजो-सामान है वह, मेरी कब मेरे पति का बटुआ नहीं,मेरा ईमान है वह।

Submitted on 13 Nov, 2019 at 17:42 PM

पुराने है लेकिन, हैं सिक्कों में वही खनक, मस्तमौला मिजाज है, बुढ़ापे की सनक।

Submitted on 13 Nov, 2019 at 17:42 PM

पुराने है लेकिन, हैं सिक्कों में वही खनक, मस्तमौला मिजाज है, बुढ़ापे की सनक।

Submitted on 12 Nov, 2019 at 14:40 PM

मेरी जिंदगी की गाड़ी का हेलमेट है वह, मेरा हमनशी, मेरा जानेमन, सोलमेट है वह।

Submitted on 12 Nov, 2019 at 14:40 PM

मेरी जिंदगी की गाड़ी का हेलमेट है वह, मेरा हमनशी, मेरा जानेमन, सोलमेट है वह।

Submitted on 11 Nov, 2019 at 16:04 PM

हमेशा ताकती रही तेरे इंतजार को मेरी आंखें, तसव्वुर में छाई रहती है तेरी ही यादें, समझ नहीं आता अब, क्या यही प्यार है।

Submitted on 11 Nov, 2019 at 16:03 PM

हमेशा ताकती रही तेरे इंतजार को मेरी आंखें, तसव्वुर में छाई रहती है तेरी ही यादें, समझ नहीं आता अब, क्या यही प्यार है।

Submitted on 11 Nov, 2019 at 16:03 PM

हमेशा ताकती रही तेरे इंतजार को मेरी आंखें, तसव्वुर में छाई रहती है तेरी ही यादें, समझ नहीं आता अब, क्या यही प्यार है।

Submitted on 11 Nov, 2019 at 16:02 PM

हमेशा ताकती रही तेरे इंतजार को मेरी आंखें, तसव्वुर में छाई रहती है तेरी ही यादें, समझ नहीं आता अब, क्या यही प्यार है।

Submitted on 10 Nov, 2019 at 16:17 PM

नेग देने का यह रिवाज़ रिश्तो में बांध लेता है, दो किनारों को, एक नाव में डाल देता है बूढ़े चेहरों की सलवटों पर, यह खुशियों के जज्बात भर देता है, यह देकर किसी को खुशियां, ख़ुद दुआओं की दौलत मांग लेता है।

Submitted on 09 Nov, 2019 at 17:32 PM

बाल विज्ञान की परिभाषा मेरे बगैर अधूरी है, बड़े-बड़े किरदारों में भी बालक होना जरूरी है। घर में बच्चों की, किलकारियों होना, पूर्णता की डोरी है, वरना सूना आंगन, लगे हैं जैसे, ज़मीं से चांद की दूरी है।

Submitted on 08 Nov, 2019 at 17:40 PM

अगर समझना है परोपकार की भावना, और सुनना है गर किसीसे संघर्षों की व्यथा, तो ढूंढो और पढ़ो नदी की आत्मकथा, जिसे पढ़कर बदल देंगे आप, अपने अंदाज़-ए-जीने की प्रथा।

Submitted on 08 Nov, 2019 at 17:38 PM

अगर समझना है परोपकार की भावना, और सुनना है गर किसीसे संघर्षों की व्यथा, तो ढूंढो और पढ़ो नदी की आत्मकथा, जिसे पढ़कर बदल देंगे आप, अपने अंदाज़-ए-जीने की प्रथा।

Submitted on 08 Nov, 2019 at 17:26 PM

अगर समझना है परोपकार की भावना, और सुनना है गर किसीसे संघर्षों की व्यथा, तो ढूंढो और पढ़ो नदी की आत्मकथा, जिसे पढ़कर बदल देंगे आप, अपने अंदाज़-ए-जीने की प्रथा।

Submitted on 07 Nov, 2019 at 00:45 AM

अच्छाई के बीज बोते रहो सदा, सत्कर्मों से होंगे सब तुम पर फिदा। पर कभी-कभी अच्छापन हो जाता है संवार, स्थिति बने तब ऐसी आ बैल मुझे मार। फिर भी सत्य पर अटल रहो, ना मानो हार, तब जाकर जीवन में तुम पाओगे सत्कार।

Submitted on 06 Nov, 2019 at 17:54 PM

सुख-दुख जैसे साथी हमसे आकर मिले, बोले-- जिंदगी जियो, बेख़ौफ़ खिले-खिले, कमियां टूटे, जकड़न छुटे मौसम खुलें, जैसे बीती रात कमल दल फूले।

Submitted on 03 Nov, 2019 at 16:49 PM

गुजरती शाम की तरह गुजर जाता है वह लम्हा, जो कभी हमारी मंजिल हुआ करते थे । साया भी नसीब नहीं होता उनका आजकल, कुछ अनकहे रिश्ते जो हमेशा साथ देते थे ।

Submitted on 03 Nov, 2019 at 16:49 PM

गुजरती शाम की तरह गुजर जाता है वह लम्हा, जो कभी हमारी मंजिल हुआ करते थे । साया भी नसीब नहीं होता उनका आजकल, कुछ अनकहे रिश्ते जो हमेशा साथ देते थे ।

Submitted on 14 Oct, 2019 at 10:56 AM

मेरी गलतियों पर तवज्जो देने वाले, हम ख्वाबों के सिकंदर है, हकीकत बदला नहीं करते................

Submitted on 10 Aug, 2019 at 03:04 AM

नज़रें ताकती रही हैं हमेशा तेरी आगोश में समा ने को, मंजिल पाकर भी चाहतीं हैं तेरा सफ़र सजाने को।

Submitted on 10 Aug, 2019 at 03:00 AM

नज़रें ताकती रही हैं हमेशा तेरी आगोश में समा ने को, मंजिल पाकर भी चाहतीं हैं, तेरा सफ़र सजाने को ।

Submitted on 10 Aug, 2019 at 02:52 AM

तलाश है हमेशा से तेरे आने की, मेरी आंखों में निशां साफ़ नज़र आते हैं।

Submitted on 01 Aug, 2019 at 17:28 PM

दरबदर भटकने अगर क़िस्मत अच्छी होती, तो दिवानो का भी अपना मुकम्मल मुकाम होता।

Submitted on 31 Jul, 2019 at 14:43 PM

दरख़्त के फल भी देते हैं मीठा स्वाद, गर जड़ों में उनके मिठास मौजूद है, और हैसियत बदल सकतीं हैं आप की, गर मन के समंदर में लहरें नेक मौजूद हैं। Mr. Akabar J. Pinjari

Submitted on 31 Jul, 2019 at 14:35 PM

दरख़्त के फल भी देते है मीठा स्वाद, गर जड़ों में उनके मिठास मौजूद है। और हैसियत बदल सकतीं आप की, गर समंदर में लहरें नेक मौजूद है।

Submitted on 29 Jul, 2019 at 12:50 PM

आज़ादी चाहिए कुछ जंजीरों से मुक्त होने की, बंदिशों को को तोड़ कुछ कर गुजर जाने की। कुछ सवाल आज भी सताते है मुझको यूं ही, एक घड़ी चाहिए कुछ जवाब दे जाने की।

Submitted on 02 Jul, 2019 at 12:12 PM

उसके चलें जाने से चली गई मेरे आशियाने की हैसियत, गर आ जाएं तो, मिले टूटे दिल को खैरियत...... देखो आज भी संवर नहीं पाईं बग़ैर उसके तबीयत.......

Submitted on 01 Jul, 2019 at 13:53 PM

हर वक्त यादों में फरियाद करती है वो, और आते ही याद मुझे बर्बाद करती है वो, और फिर बर्बादी में यादें आबाद करती है वो.........

Submitted on 30 Jun, 2019 at 12:36 PM

वफ़ा की बूंदें अब गिरने लगी है मुझ पर, देखता हूं कि अब असर कब तक रहता है, और ठहर जाएगा सैलाब मेरी चाहतों का, देखता हूं कि आप सफ़र कब तक रहता है।

Submitted on 28 Jun, 2019 at 14:56 PM

रंजिशो के तीर चलाने से दिल कातिल नहीं होता, टुटे हुए दिल का कोई साहिल नहीं होता, पर इसका मतलब ये नहीं कि, ज़ख्मों को सहा जाए और उम्मीदों में ही रहा जाए।

Submitted on 27 Jun, 2019 at 11:59 AM

खामोशियों में भी शोर मचा रही हैं हकीकत की, समंदर निचोड़कर दो बूंदें जो आईं हैं मेरी आंखों में, तेरे होने का इज़हार करती हैं हमेशा.... मेरी सांसों में........ ‌‌‌

Submitted on 20 Jun, 2019 at 10:51 AM

मेरी गलती हो पर तवज्जो देने वालों, हम ख्वाबों के सिकंदर हैं, हक़ीक़त बदला नहीं करते।..….


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